یاد آن فرصت که ما هم عذر لنگی داشتیم
یاد آن فرصت که ما هم عذر لنگی داشتیم
چون شرر یک پر زدن ساز درنگی داشتیم
йод он фарсат-ки мо ҳам ъазар ланги доштим
чун шарар як пур задан соз дарнаги доштим
دل نیاورد از ضعیفی تاب درد انتظار
ورنه ما هم شیشهواری نذر سنگی داشتیم
дил ниовард аз заъифи тоб дард анатазор
варна мо ҳам шиша-вори назар санги доштим
عافیت چون موج شست از نقش ماگرد نمود
تا شکست دل پر افشان بود رنگی داشتیم
ъофит чун мавҷ шаст аз нақш могард намуд
то шакаст дил пур афашон буд ранги доштим
یأس گل کرد از نفس آیینهٔ ما صاف شد
آرزو چندانکه میجوشید رنگی داشتیم
йос гул-кард аз нафас оина мо соф шуд
орзу чандонака мӣ-ҷушид ранги доштим
خودنمایی هر قدر باشد تصور همتست
نام تا آیینهٔ ما بود ننگی داشتیم
ходанамойай ҳар қадар бошад тасур ҳаматаст
ном то оина мо буд нанги доштим
عشق نپسندید ما را هرزه صید اعتبار
ورنه در کیش اثر عبرت خدنگی داشتیم
ишқ напасандид мо ро ҳарза сид аъатабор
варна дар киш асар ъабарт хаданги доштим
نالهٔ ما گوش کردن صرفهٔ یاران نکرد
در نفس با این ضعیفیها تفنگی داشتیم
нола мо гуш-кардан сарфа йорон накард
дар нафас бо ин заъифиҳо тафанги доштим
جز فرو رفتن به جیب عجز ننمودیم هیچ
همچو شمع آیینه درکام نهنگی داشتیم
ҷуз фару рафтан ба ҷиб ъаҷаз нанамудим ҳич
ҳамачу шамъ оина дараком наҳанги доштим
حیرت آن جلوه ما را با خود آخر صلح داد
ورنه تا مژگان به هم میخورد جنگی داشتیم
ҳайрат он ҷалуа мо ро бо худ охар салаҳ дод
варна то мажагон ба ҳам мӣ-хурд ҷанги доштим
تا سپند ما به حرف آمد خموشی دود کرد
بیتو در محفل نوای سرمه رنگی داشتیم
то сапанд мо ба ҳарф омад хамуши дуд кард
биту дар маҳафал навой сарма ранги доштим
هر قدر واگشت مژگان دلبر از ما دور ماند
چشم تا پوشیده بود آغوش تنگی داشتیم
ҳар қадар вогашт мажагон далабар аз мо дур монд
чашм то пушида буд оғуш танги доштим
زندگی بیدل دماغ خلق در اوهام سوخت
ما هم از هستی همین معجون بنگی داشتیم
зандаги бидел дамоғ халқ дар авҳом сухт
мо ҳам аз ҳастӣ ҳамин маъаҷун банги доштим
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.