گرشود آن نرگس میگون مقابل با شراب
گرشود آن نرگس میگون مقابل با شراب
میشود چون آبگوهر خشکدر مینا شراب
гарашуд он нарагас мигун мақобал бо шароб
мӣ-шуд чун об-гуҳар хашак-дар мино шароб
جامرا همچشمی آن نرگس مخمور نیست
از هجوم موجگر مژگان کند انشا شراب
ҷом-ро ҳамачашми он нарагас махамур нест
аз ҳаҷум мавҷ-гар мажагон-канд анашо шароб
عشرتیگر هستدلها را به هم جوشیدن است
کم شود یک دانهٔ انگور را تنها شراب
ъашарти-гар ҳаст-далаҳо ро ба ҳам-ҷушидан аст
кам шуд як дона ангур ро танаҳо шароб
غیر تقوا نیست اصلکار رندیهای ما
ازگداز سبحه پیداکردهاند اینجا شراب
ғир тақаво нест асал-кор рандиҳой мо
азагадоз сабҳа пидокарда-анд инҷо шароб
عمرها شد بیخود از خواب غرور دانشیم
لیکگاهی میزند آبی به روی ما شراب
ъамараҳо шуд биход аз хоб ғарур донашим
лик-гоҳи мӣ-занд оби ба равай мо шароб
بسکه گفتوگوی مستان وقف ذکر باده است
تا لب ساغر ندارد جز خروش یا شراب
басака гафт-вагавай мастон вақаф закар бода аст
то лаб соғар надорад ҷуз харуш йо шароб
تا خیال توست در دل عیشها آماده است
نیست خامش شمع ما تا هست درمینا شراب
то хаёл туст дар дил ъишаҳо омода аст
нест хомаш шамъ мо то ҳаст дармино шароб
مشرب ما خاکساران فارغ ازآلودگیست
نیست نقصانگر رسد بر دامن صحرا شراب
машараб мо хокасорон форағ азолудаги-ст
нест нақасон-гар расад бар доман саҳаро шароб
ما به زور می پرستی زندگانی میکنیم
چون حباب می بنای ماست سر تا پا شراب
мо ба зур мӣ парсати зандагони мӣ-каним
чун ҳабоб мӣ баной мост сар то по шароб
حسن تشریف بهار است آب را در برگگل
میکند در ساغر اندازد اگر پیدا شراب
ҳасан ташариф бҳор аст об ро дар бараг-гул
мекунад дар соғар андозд агар пидо шароб
آه از آن افسردهای کز جوش صهبا نشکفد
همچو مینا خامشی را میکندگویا شراب
о аз он афасарда-эй каз ҷуш саҳабо нашакафад
ҳамачу мино хомаши ро мӣ-кандагавайо шароб
در سواد سرمه کن نظارهٔ چشم بتان
عشرتافروز است بیدل در دل شبها شراب
дар савод сарма-кан назора чашм батон
ъашарт-афаруз аст бидел дар дил шабҳо шароб
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- خواب
- خفتن و رؤیا؛ نشانهٔ غفلت در برابرِ بیداریِ دل.
- حسن
- زیبایی؛ جلوهٔ جمالِ معشوق و تجلیِ حُسنِ ازلی.
- حباب
- پوسته نازک روی آب؛ نماد ناپایداری و تهیبودن.