چون گهر هر چند بر دریا تند غوغای من
چون گهر هر چند بر دریا تند غوغای من
در نم یک چشم سر غرقست سرتا پای من
чун-гаҳар ҳар чанд бар дарё танд ғуғой ман
дар нам як чашм сар ғарақ-ст сарто пой ман
ناتوانی همچو من در عالم تسلیم نیست
بیشتر از سایه میبوسد زمین اعضای من
нотавони ҳамачу ман дар олам тасалим нест
бишатар аз сойа мӣ-бусад замин аъазой ман
مسند آتش همان تسلیم خاکستر خوشست
جز غبار خوبش ننشیندکسی بر جای من
масанд оташ ҳамон тасалим хокастар хошаст
ҷуз ғубор хобаш-нанашинадакаси бар ҷой ман
اینقدر چون شمع محو انتظار کیستم
بر سر مژگان وطن کردهست دیدنهای من
айанқадар чун шамъ маҳу анатазор кисатам
бар сар мажагон ватан карда-ст диданаҳой ман
منع در سعی طلب ترغیب سالک میشود
«لن ترانی» داشت درس همت موسای من
манаъ дар саъи талаб тарағиб солак мӣ-шуд
"лан-тарони" дошт дарс ҳамат мусой ман
زندگی پر بیخبر بود از اشارات فنا
قامت خم گشته گردید ابروی ایمای من
зандаги пур бихабар буд аз ашорот фано
қомат хам гашта гардид абаравай айамой ман
لفظ ممکن نیست برمعنی نچیند دقتی
باده بر دل سنگ بست از الفت مینای من
лафаз мамакан нест бармаъани начинд дақати
бода бар дил санг баст аз алафт миной ман
نالهٔ محو خیالت قابل تحریر نیست
هر قدر ننوشتهام بیپرده است انشای من
нола маҳу хиолат қобал таҳарир нест
ҳар қадар нанушта-ам бе-парда аст анашой ман
در جنون عریانیام تشریف امنی دیگر است
یا رب این خلعت نگردد تنگبر بالای من
дар ҷанун ъариони-ам ташариф-амани дигар аст
йо раб ин халаъат нагардад танг-бар болой ман
از غبار شیشهٔ ساعت قدح پر میکنم
خشکی این بزم نم نگذاشت در صهبای من
аз ғубор шиша соъат қадаҳ пур мӣ-канам
хашаки ин базм нам нагазошт дар саҳабой ман
سایهام بیدل ز نیرنگ غم و عیشم مپرس
نیست ممتاز آنقدر روز من از شبهای من
сойа-ам бидел з ниранг ғам ва ъишм мапарс
нест маматоз онақадар рӯз ман аз шабҳой ман
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.